रमनस्ट्रोलॉजीवैदिक ज्ञान · स्पष्ट पद्धति
22 / 27 · चंद्र

श्रवण

Shravana

श्रवण, सीखना और संचार

दशा स्वामी
चंद्र
पारंपरिक देवता
विष्णु
प्रचलित प्रतीक
कान या तीन पदचिह्न
निरयण विस्तार
280°00′–293°20′
पारंपरिक विषय

श्रवण, सीखना और संचार

यह चिंतनशील वैदिक व्याख्या है—वैज्ञानिक व्यक्तित्व-वर्गीकरण नहीं।

01

रचनात्मक अभिव्यक्ति

ज्ञान ग्रहण और संप्रेषित करने की क्षमता.

02

संभावित चुनौती

सुनी बात आगे बढ़ाने से पहले जाँचें.

03

चिंतन प्रश्न

आज आप श्रवण, सीखना और संचार को स्थिरता और सजग चुनाव के साथ कहाँ व्यक्त कर सकते हैं?

जीवन-क्षेत्र चिंतन

कार्य और योगदान

यह विषय ऐसे कार्य पर चिंतन में सहायक हो सकता है जिसमें महत्त्व हो ज्ञान ग्रहण और संप्रेषित करने की क्षमता.

संबंध

संबंधों में देखें कि ज्ञान ग्रहण और संप्रेषित करने की क्षमता सीमाएँ और परस्परता बनाए रखते हुए कैसे दिया जा सकता है।

अध्ययन और आध्यात्मिक अभ्यास

अवलोकन, लेखन और जीवन-अनुभव से इस नक्षत्र का अध्ययन करें। प्रतीकों को संकेत मानें, स्थिर निर्णय नहीं।

4 × 3°20′

चार चरण और नामाक्षर

हर चरण 3°20′ का है। उसका पारंपरिक आरंभिक स्वर शिशु नाम चुनने में एक सामान्य आधार है।

चरणनक्षत्र में विस्तारनामाक्षर
चरण 10°00′–3°20′खी · Khee
चरण 23°20′–6°40′खू · Khoo
चरण 36°40′–10°00′खे · Khe
चरण 410°00′–13°20′खो · Kho
आपका अगला चरण

अपनी कुंडली के साथ आगे बढ़ें

पद्धति और स्रोत सीमा

यह स्थिर 27-नक्षत्र शृंखला पर आधारित वैदिक शैक्षिक संदर्भ है। चंद्र राशि खोजक लाहिरी निरयण गणना उपयोग करता है। देवता, प्रतीक और नामाक्षर परंपरा तथा भाषा के अनुसार थोड़ा बदल सकते हैं। KP, BNN और लाल किताब के नियम इन पृष्ठों में नहीं मिलाए गए हैं।

ज्योतिष एक चिंतनशील आध्यात्मिक परंपरा है और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। यह सामान्य सामग्री व्यक्तिगत भविष्यवाणी या चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय अथवा मानसिक-स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है।