रमनस्ट्रोलॉजीवैदिक ज्ञान · स्पष्ट पद्धति
04 / 27 · चंद्र

रोहिणी

Rohini

वृद्धि, सौंदर्य और पोषण

दशा स्वामी
चंद्र
पारंपरिक देवता
प्रजापति
प्रचलित प्रतीक
रथ या मंदिर
निरयण विस्तार
40°00′–53°20′
पारंपरिक विषय

वृद्धि, सौंदर्य और पोषण

यह चिंतनशील वैदिक व्याख्या है—वैज्ञानिक व्यक्तित्व-वर्गीकरण नहीं।

01

रचनात्मक अभिव्यक्ति

स्थिरता के साथ रचनात्मक वृद्धि.

02

संभावित चुनौती

सौंदर्य का आनंद लें, आसक्ति नहीं.

03

चिंतन प्रश्न

आज आप वृद्धि, सौंदर्य और पोषण को स्थिरता और सजग चुनाव के साथ कहाँ व्यक्त कर सकते हैं?

जीवन-क्षेत्र चिंतन

कार्य और योगदान

यह विषय ऐसे कार्य पर चिंतन में सहायक हो सकता है जिसमें महत्त्व हो स्थिरता के साथ रचनात्मक वृद्धि.

संबंध

संबंधों में देखें कि स्थिरता के साथ रचनात्मक वृद्धि सीमाएँ और परस्परता बनाए रखते हुए कैसे दिया जा सकता है।

अध्ययन और आध्यात्मिक अभ्यास

अवलोकन, लेखन और जीवन-अनुभव से इस नक्षत्र का अध्ययन करें। प्रतीकों को संकेत मानें, स्थिर निर्णय नहीं।

4 × 3°20′

चार चरण और नामाक्षर

हर चरण 3°20′ का है। उसका पारंपरिक आरंभिक स्वर शिशु नाम चुनने में एक सामान्य आधार है।

चरणनक्षत्र में विस्तारनामाक्षर
चरण 10°00′–3°20′ओ · O
चरण 23°20′–6°40′वा · Vaa
चरण 36°40′–10°00′वी · Vee
चरण 410°00′–13°20′वु · Vu
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पद्धति और स्रोत सीमा

यह स्थिर 27-नक्षत्र शृंखला पर आधारित वैदिक शैक्षिक संदर्भ है। चंद्र राशि खोजक लाहिरी निरयण गणना उपयोग करता है। देवता, प्रतीक और नामाक्षर परंपरा तथा भाषा के अनुसार थोड़ा बदल सकते हैं। KP, BNN और लाल किताब के नियम इन पृष्ठों में नहीं मिलाए गए हैं।

ज्योतिष एक चिंतनशील आध्यात्मिक परंपरा है और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। यह सामान्य सामग्री व्यक्तिगत भविष्यवाणी या चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय अथवा मानसिक-स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है।