वैदिक ज्योतिष की आधारशिला
जन्म कुंडली, ग्रह, राशियाँ, भाव, नक्षत्र, दशा और जिम्मेदार कुंडली-पठन पर पाँच पाठों का परिचय।
पहला पाठ शुरू करेंपाठ · स्व-अध्ययन · द्विभाषी
- स्तर
- शुरुआती
- शुल्क
- निःशुल्क
- शिक्षक
- Raman Bhardwaj
पाठ्यक्रम
पाँचों पाठ क्रम से पढ़ें और आवश्यकता होने पर किसी भी विषय को दोबारा देखें।
ज्योतिष का आधार और जन्म कुंडली
समझें कि कुंडली क्या दर्शाती है और समय, स्थान तथा खगोलीय स्थितियाँ प्रतीकात्मक चार्ट कैसे बनाती हैं।
ग्रह, राशियाँ और भाव
हर मूल वैदिक ज्योतिष व्याख्या में उपयोग होने वाली तीन-स्तरीय भाषा सीखें।
नक्षत्र, दशा और समय
समझें कि नक्षत्र और ग्रह-दशाएँ कुंडली में सूक्ष्मता और समय का संकेत कैसे जोड़ती हैं।
चरणबद्ध कुंडली-पठन विधि
लग्न और लग्नेश से विषय, समय और पुष्टि तक एक अनुशासित क्रम अपनाएँ।
नैतिकता, उपाय और आगे का अभ्यास
सहमति, अनिश्चितता, सुरक्षित उपाय और व्यावहारिक अध्ययन-क्रम के साथ पाठ्यक्रम पूरा करें।
आप क्या समझेंगे
- उत्तर भारतीय जन्म कुंडली की मूल संरचना पढ़ना।
- अलग-अलग भविष्यवाणी के बजाय ग्रह, राशि और भाव को साथ समझना।
- नक्षत्र और ग्रह-दशाओं की भूमिका समझना।
- व्यवस्थित और नैतिक शुरुआती कुंडली-पठन विधि अपनाना।
अध्ययन टिप्पणी
यह मौलिक शुरुआती पाठ्यक्रम पारंपरिक ज्ञान-प्रणाली को शिक्षा के लिए प्रस्तुत करता है। स्वास्थ्य, सुरक्षा, कानून, वित्त या भवन-संरचना के विषय में अवलोकन, सहमति और योग्य पेशेवर सलाह के साथ इसका उपयोग करें।