उत्तर भारतीय भाव अभ्यास पत्र
ग्रह या फल जोड़ने से पहले बारह भाव, लग्न और कुंडली की दिशा अंकित करें।
संबंधित पाठ खोलें →जन्म कुंडली, ग्रह, राशियाँ, भाव, नक्षत्र, दशा और जिम्मेदार कुंडली-पठन पर पाँच पाठों का परिचय।
पहला पाठ शुरू करेंपाठ · स्व-अध्ययन · द्विभाषी
पाँचों पाठ क्रम से पढ़ें और आवश्यकता होने पर किसी भी विषय को दोबारा देखें।
समझें कि कुंडली क्या दर्शाती है और समय, स्थान तथा खगोलीय स्थितियाँ प्रतीकात्मक चार्ट कैसे बनाती हैं।
हर मूल वैदिक ज्योतिष व्याख्या में उपयोग होने वाली तीन-स्तरीय भाषा सीखें।
समझें कि नक्षत्र और ग्रह-दशाएँ कुंडली में सूक्ष्मता और समय का संकेत कैसे जोड़ती हैं।
लग्न और लग्नेश से विषय, समय और पुष्टि तक एक अनुशासित क्रम अपनाएँ।
सहमति, अनिश्चितता, सुरक्षित उपाय और व्यावहारिक अध्ययन-क्रम के साथ पाठ्यक्रम पूरा करें।
हर सामग्री संबंधित पाठ की अवधारणाओं को व्यवस्थित अभ्यास में बदलती है।
ग्रह या फल जोड़ने से पहले बारह भाव, लग्न और कुंडली की दिशा अंकित करें।
संबंधित पाठ खोलें →नैसर्गिक कारकत्व, राशि स्थिति, भाव भूमिका और कार्यात्मक स्वामित्व अलग स्तंभों में रखें।
संबंधित पाठ खोलें →दिए या गणित किए चंद्र डेटा, दशा सीमाएँ और गोचर पुष्टि को व्याख्या से अलग रखें।
संबंधित पाठ खोलें →यह मौलिक शुरुआती पाठ्यक्रम पारंपरिक ज्ञान-प्रणाली को शिक्षा के लिए प्रस्तुत करता है। स्वास्थ्य, सुरक्षा, कानून, वित्त या भवन-संरचना के विषय में अवलोकन, सहमति और योग्य पेशेवर सलाह के साथ इसका उपयोग करें।