जनवरी
10पारण 3 जन॰ · 9:10 am–10:53 am स्थानीय समय
पारण 19 जन॰ · 7:58 am–10:55 am स्थानीय समय
प्रमुख हिंदू पर्व, एकादशी, चंद्र अनुष्ठान, मासिक व्रत और संक्रांति की स्थान-अनुसार वार्षिक मार्गदर्शिका।
पारण 3 जन॰ · 9:10 am–10:53 am स्थानीय समय
पारण 19 जन॰ · 7:58 am–10:55 am स्थानीय समय
पारण 2 फ़र॰ · 7:42 am–10:51 am स्थानीय समय
पारण 17 फ़र॰ · 9:16 am–10:43 am स्थानीय समय
पारण 4 मार्च · 6:48 am–10:32 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 11:59 pm–12:47 am स्थानीय समय
पारण 19 मार्च · 7:17 am–10:47 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 7:26 pm–9:47 pm स्थानीय समय
पारण 3 अप्रैल · 6:45 am–11:06 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 11:51 am–2:35 pm स्थानीय समय
पारण 17 अप्रैल · 6:16 am–10:54 am स्थानीय समय
पारण 3 मई · 5:47 am–7:34 am स्थानीय समय
पारण 1 जून · 5:11 am–10:30 am स्थानीय समय
पारण 15 जून · 5:06 am–10:30 am स्थानीय समय
पारण 1 जुल॰ · 5:11 am–5:45 am स्थानीय समय
पारण 14 जुल॰ · 7:03 am–10:39 am स्थानीय समय
पारण 30 जुल॰ · 5:41 am–10:46 am स्थानीय समय
पारण 13 अग॰ · 6:01 am–10:51 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 12:51 am–1:39 am स्थानीय समय
पारण 28 अग॰ · 6:22 am–10:56 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 11:51 am–2:31 pm स्थानीय समय
पारण 12 सित॰ · 6:44 am–9:43 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 2:06 pm–4:20 pm स्थानीय समय
पारण 11 अक्टू॰ · 8:10 am–11:08 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 7:31 pm–8:01 pm स्थानीय समय
पारण 26 अक्टू॰ · 7:50 am–11:14 am स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 6:01 pm–8:47 pm स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 5:57 pm–8:45 pm स्थानीय समय
स्थानीय समय समीक्षा 1:55 pm–3:54 pm स्थानीय समय
पारण 10 नव॰ · 7:14 am–10:22 am स्थानीय समय
पारण 24 नव॰ · 7:36 am–10:31 am स्थानीय समय
पारण 10 दिस॰ · 7:56 am–10:42 am स्थानीय समय
पारण 24 दिस॰ · 8:06 am–9:38 am स्थानीय समय
प्रमुख पर्व उनकी स्थानीय तिथि और संबंधित दिन-भाग—मध्याह्न, अपराह्न, प्रदोष, निशीथ या चंद्रोदय—से चुने गए हैं। नियमित व्रत स्थानीय सूर्योदय की तिथि और संक्रांति लाहिरी निरयण सूर्य-प्रवेश से निकली है। एकादशी पारण अगले स्थानीय प्रातः हरिवासर के बाद दिखाया गया है।
मंदिर, क्षेत्र और संप्रदाय की परंपरा अलग हो सकती है। इसे पारंपरिक योजना-मार्गदर्शन मानें और महत्वपूर्ण व्रत अपने मंदिर या पारिवारिक परंपरा से सुनिश्चित करें।