सरल पूजा-विधि
- घर और पूजा-स्थान को स्वच्छ व शांत रखें।
- सुरक्षित रूप से दीप जलाकर लक्ष्मी-गणेश की सरल प्रार्थना करें।
- खरीदारी को अनिवार्य न मानें; भोजन, कृतज्ञता या दान बाँटें।
- सद्बुद्धि और धर्मसम्मत समृद्धि के संकल्प के साथ समापन करें।
प्रकाश-पर्व, दीपावली क्रम और सरल गृह-पूजा के लिए स्थानीय गणना पर आधारित मार्गदर्शिका।
पर्व कैलेंडर दिन
दीपावली प्रकाश, विवेक, कृतज्ञता और नवजीवन का विविध परंपराओं में मनाया जाने वाला पर्व है।
स्थानीय तारीख उस दिन चुनी जाती है जब आश्विन अमावस्या प्रदोष से मिले। लक्ष्मी पूजा में स्थिर लग्न व क्षेत्रीय नियम भी हो सकते हैं; समय समीक्षा के लिए है।
प्रशांत कनाडा भारत और न्यूज़ीलैंड से कई घंटे पीछे है। इसलिए पर्व तिथि और दैनिक काल वैंकूवर के अपने सूर्योदय व समय-क्षेत्र से बनते हैं।
स्थानीय प्रदोष में आश्विन अमावस्या के सबसे उपयुक्त मेल से नागरिक तारीख चुनी जाती है। दिया समय समीक्षा-काल है, स्वतः अंतिम लक्ष्मी पूजा मुहूर्त नहीं।
परंपरा संबंधी सूचना: उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय, गुजराती, सिख, जैन और मंदिर परंपराएँ दीपावली क्रम के अलग दिनों पर बल दे सकती हैं।
महत्वपूर्ण अनुष्ठान से पहले रमन जी स्थानीय तिथि, परिवार या मंदिर परंपरा और आपके उद्देश्य की समीक्षा कर सकते हैं।
तिथि एक खगोलीय काल है, जबकि सूर्योदय और नागरिक तारीख की सीमा स्थान पर निर्भर है। यह पृष्ठ भारतीय समय बदलकर नहीं, दिए शहर से गणना करता है।
नहीं। यह पर्व नियम का पारदर्शी स्थानीय समीक्षा-काल है। परिवार, मंदिर और संप्रदाय के नियम अधिक संक्षिप्त या अलग निर्णय दे सकते हैं।
नहीं। यह गणित पर्व मार्गदर्शिका है। कार्यक्रम, प्रवेश नियम और अंतिम समय आयोजक या मंदिर से जाँचें।